एनर्जी-सायकॉलॉजी ज्ञान की एक बड़ी धारा का नाम है जो कई सारी अलग-अलग धाराओं से मिलकर बनी है. एनर्जी मतलब ऊर्जा और सायकॉलॉजी मतलब मनोविज्ञान. ऊर्जा वो, जो हमारे शरीर में है, जिसे योग में 'प्राण' या चीनी चिकित्सा पद्ध्ती में 'ची' कहा जाता है. और मनोविज्ञान वह सब, जो हमारे मन, भावनाओं, अहसासों और जज़्बातों के बारे में है.
एनर्जी-सायकॉलॉजी का मूल सिद्धांत है कि हमारा शरीर, हमारी भावनाएँ और सूक्ष्म ऊर्जा, एक-दूसरे का दर्पण हैं. सच पूछा जाए तो ये तीनों एक ही चीज़ के तीन रूप, तीन पहलू हैं. हम इनमें किसी भी एक या दो या तीनों ही के इस्तेमाल से, किसी भी शारीरिक या भावनात्मक समस्या या बीमारी को प्रभावित कर सकते हैं.
स्वास्थ्य और बीमारियों के प्रति ये पूर्णात्मक तरीका, सारे हिस्सों को शामिल करना, पूर्वी दुनिया के लिए नया नहीं है. आज की पश्चिमी एनर्जी-सायकॉलॉजी की हर एक धारा ने एक या दूसरे तरीके से या तो इन पूर्वी तरीकों को अपनाया है या उनके हिस्सों को जोड़कर, उनका विकास कर, नई टैक्नीक बनाई है.
और इनमें से कुछ ने तो बड़े ही अनूठे और ज़बर्दस्त काम किये है.
लूईस एल हे ने हमें शरीर के हर हिस्से की बीमारियों की क्या खास भावनात्मक वजह हो सकती है, उसकी पूरी की पूरी लिस्ट बनाकर रख दी है.
ओ कार्ल सिमोनटोन तीस साल से ज़्यादा से सारी दुनिया को, खासकर पश्चिमी और अमेरिकी दुनिया को, दिखा रहे हैं कि तनाव और भावनात्मक हीलिंग पर "क्रियेट्व विज़ुअलाईज़ेशन" से काम करके किस तरह कैंसर पर जीत हासिल की जा सकती है. "क्रियेटिव विज़ुअलाईज़ेशन" यानि "रचनात्मक दृष्टि " जिसमें आप अपने दिमाग में ऐसे दृश्य बनाते जो आपकी असलियत से आगे आपकी चाही हुई असलियत के हैं.
दीपक चोपड़ा और डॉक्टर वेन डायर लगातार सारी दुनिया को बता रहे हैं कि किस तरह हम अपनी सोच से, अपने विचारों से अपनी हक़ीक़त, अपनी असलियत बनाते हैं.
आज के इन चमकीले मनीषियों की शृंखला में गैरी क्रेग की अपनी खास जगह है. ठोस प्रमाण, निश्चित परिणाम की ज़िद में गैरी ने शरीर और मन, समय और दूरी, के पिछले सारे मानक और मानदंड, एक वार से गिरा कर रख दिये. और ये वार था - ई एफ टी.
ई एफ टी, इमोशनल फ़्रीडम टैक्नीक्स, एनर्जी सायाकॉलॉजी की सबसे नई और सबसे कारगर टैक्नीक्स में से एक है. लाखों लोगों ने इससे फ़ायदा पाया है और अपनी ज़िंदगी में ज़बर्दस्त परिवर्तन किये हैं. अक़्सर ये परिणाम और परिवर्तन ऐसी चीज़ों में हुए हैं जहाँ सालों से कुछ भी और काम नहीं क़र रहा था. इंटरनेट अब केसेस, टेस्टीमोनियल्स (प्रशंसापत्रों) और बढ़ते हुए ईएफटी प्रैक्टीशनर्स से छलका जा रहा है.
ईएफटी अपने आपको हील करने का, स्वास्थ्य-लाभ करने का, एक सरल तरीका है. इसमें न तो किसी दवाई या रसायन का इस्तेमाल होता है, न शरीर के अंदर जाने वाली सूइयों, वगैरह का. इसमें सिर्फ दो चीज़ें शामिल होती हैं, आपके शरीर के कुछ खास हिस्सों को थपथपाना, और आपकी भाषा का रचनात्मक उपयोग.
(ईएफटी पर और जानकारी और ढेर सारे केसेस के लिए कृपया यहाँ
देखें : www.emofree.com |